PM KUSUM (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan) योजना किसानों को सौर ऊर्जा से सिंचाई करने और अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर अतिरिक्त कमाई का सुनहरा मौका देती है। इसका उद्देश्य किसानों को डीज़ल और महंगी बिजली की परेशानी से छुटकारा दिलाकर उन्हें स्थायी, सस्ती और साफ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। यह योजना खेती को और आसान, सुरक्षित और कम खर्च वाली बनाने की दिशा में एक ऐसा कदम है जो हर किसान के जीवन में नई उम्मीद और नई ताकत भर देता है।
योजना के तीन हिस्से – किसान की हर जरूरत का समाधान
PM-KUSUM योजना को इस तरह बनाया गया है कि किसान की जमीन, सिंचाई और ऊर्जा—तीनों जरूरतें एक साथ पूरी हों। यह योजना सिर्फ बिजली नहीं देती, बल्कि किसान की आमदनी बढ़ाने और खर्च कम करने का रास्ता भी खोलती है। इसका हर हिस्सा खेती को आसान, सस्ता और भरोसेमंद बनाने के लिए तैयार किया गया है।

Component A – अपनी जमीन पर सौर प्लांट लगा कर पक्की कमाई
इस हिस्से में किसान अपनी खाली या बंजर जमीन पर 500 kW से 2 MW तक का सोलर प्लांट लगा सकते हैं। इस प्लांट से बननी वाली बिजली राज्य सरकार खरीद लेती है, जिससे किसान को हर महीने एक तय और स्थिर आमदनी मिलती है। जो जमीन पहले बेकार पड़ी रहती थी, वही अब आय का सबसे भरोसेमंद जरिया बन जाती है—कम मेहनत में ज्यादा फायदा, यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है।
Component B – सोलर पंप से सिंचाई का पूरा खर्च खत्म
इस हिस्से में किसानों को स्टैंडअलोन सोलर पंप दिए जाते हैं, जो बिना बिजली बिल और बिना डीज़ल खर्च के खेतों की सिंचाई करते हैं। धूप जितनी तेज़, उतना अच्छा फायदा—दिन में सिंचाई और रात में चैन की नींद। यह पंप किसानों को बिजली कटौती, तारों की समस्या और बढ़ते डीज़ल खर्च से पूरी तरह आज़ादी देते हैं। यह सच में खेती को आसान और सस्ती बनाने वाला बदलाव है।
Component C – पुराने बिजली पंप को भी सोलर पर चलाएं
जिन किसानों के पास पहले से बिजली वाले पंप हैं, उन्हें सोलराइज किया जाता है। यानी वही पंप अब सोलर ऊर्जा से चलने लगते हैं। इससे बिजली की दिक्कत खत्म होती है, और अगर सोलर पावर ज़्यादा बन जाए तो किसान उसे ग्रिड में बेचकर extra कमाई भी कर सकते हैं। एक ही पंप—सिंचाई भी, बचत भी, और कमाई भी।
कितनी मिलती है सब्सिडी? – किसान के लिए बड़ी राहत
PM KUSUM योजना के तहत किसानों को 50% तक सब्सिडी (राज्य के हिसाब से) और आसान लोन सुविधा दी जाती है। कुछ राज्यों में कुल खर्च का बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
यानी किसान को बहुत कम निवेश में सोलर पंप मिल जाता है—यह सुविधा खेती के लिए वरदान जैसी है।
किसानों को क्या फायदे मिलते हैं? – खेती का पूरा सिस्टम बदलने वाली योजना
PM-KUSUM योजना किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर आई है। इससे बिजली और डीज़ल का खर्च लगभग खत्म हो जाता है, और पूरे साल 24×7 सिंचाई की सुविधा मिलती है। जो किसान चाहें, वे अतिरिक्त बनी सौर ऊर्जा बेचकर हर महीने कमाई भी कर सकते हैं।
कम मेंटेनेंस वाले पंप लंबे समय तक फायदा देते हैं, और बंजर जमीन भी अब कमाई का साधन बन जाती है। खेती मजबूत होती है, खर्च घटता है और आय बढ़ती है—यही इस योजना का असली HUM-Touch है, जो किसानों की जिंदगी में सच्चा बदलाव लाता है।

कौन आवेदन कर सकता है और कैसे? – पूरी प्रक्रिया बेहद आसान
PM KUSUM योजना में किसान, किसान समूह, पंचायतें, सहकारी समितियाँ और FPO सभी आवेदन कर सकते हैं। जो भी अपनी खेती को सौर ऊर्जा से जोड़कर खर्च कम करना और कमाई बढ़ाना चाहता है, वह इस योजना का हिस्सा बन सकता है। आवेदन की प्रक्रिया भी बेहद सरल है—अपने राज्य की State Nodal Agency या ऊर्जा विभाग के KUSUM पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसमें आधार कार्ड, जमीन के कागज़, बैंक पासबुक और एक फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं। कुछ मिनट की यह प्रक्रिया किसानों के लिए नई ऊर्जा और नए अवसरों का रास्ता खोल देती है।
निष्कर्ष – किसानों के लिए सूरज से आय और सिंचाई का भरोसा
PM KUSUM योजना खेती को आधुनिक, सस्ती और आसान बनाने की दिशा में देश की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। इस योजना से किसान न केवल सिंचाई का खर्च बचा रहे हैं, बल्कि अपनी जमीन से अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।
यह एक ऐसी योजना है जो किसान की जेब, खेती और भविष्य—तीनों को रोशन कर देती है।
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