
CBI Raid on Anil Ambani: मुंबई में अनिल अंबानी और RCom परिसरों पर छापेमारी, ₹17,000 करोड़ बैंक लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई।
CBI Raids Anil Ambani-linked Premises in ₹17,000 Crore Bank Loan Fraud Case
आज (23 अगस्त 2025) सुबह, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई में अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की घोषणा की। CBI Raid on Anil Ambani इस कार्रवाई का संबंध ₹17,000 करोड़ के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से है। जांच एजेंसियों के अनुसार “कुछ तो गड़बड़ है” — इस बयान ने मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया है। पहले तीन हफ्ते पहले ही फाइनेंसियल चोरी के आरोपों के चलते ED ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की थी। अब CBI की कार्यवाही ने जांच को और गहराई दी है।
CBI कार्रवाई – क्या हुआ?
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CBI ने FIR दर्ज की और अरबों रुपये के बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में अनिल अंबानी के मुंबई स्थित घर (Cuffe Parade) और RCom कार्यालयों पर छापा मारा।
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एजेंसी ने बताया कि जांच के पहले चरण में 10 दिन की समय सीमा मांगी गई थी पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई तेज की गई।
₹17,000 Crore Fraud Case कितना बड़ा है?
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इस धोखाधड़ी का अनुमानित राशि ₹17,000 करोड़ है, जो विभिन्न बैंकों को दिया गया अनियमित ऋणों से जुड़ा है।
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इससे पहले ED ने इस घोटाले में शामिल कुछ वरिष्ठ अधिकारियों व shell companies के खिलाफ कड़ी पूछताछ की थी।
इससे पहले क्या हुआ था? (Timeline)
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ED ने अगस्त की शुरुआत में अनिल अंबानी की करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी, PMLA केस के अंतर्गत।
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पांच अगस्त को अनुसंधान में यह सामने आया कि Yes Bank और SBI ने इस ऋण मामले में अनियमित गतिविधियाँ पकड़ी थीं, जिसमें shell companies के माध्यम से फंड का diversion शिकायत का केंद्र था।
CBI-ED का बयान Anil Ambani Loan Fraud Case पर
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CBI ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में “कुछ तो गड़बड़ है” – इसका मतलब है कि उनकी जांच अब अनियंत्रित लेन-देन, दस्तावेजों का अभाव और संभावित धोखाधड़ी पर केंद्रित होगी।
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ED ने भी ऋण प्रणाली और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के बीच fund laundering के संकेत पाए हैं।
यह प्रभाव क्या हो सकता है?
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अनिल अंबानी और उनकी समूह कंपनियों के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है — व्यवसायी छवि और बाज़ार विश्वास को भारी असर।
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बैंकिंग क्षेत्र में सकल गैर-निष्पादित ऋण (NPAs) बढ़ सकते हैं।
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CBI-ED की जांच से आगे की कार्रवाई जैसे जमानत, asset sealing या arrests की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

CBI Raid on Anil Ambani:
Conclusion
CBI की यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार और जांच एजेंसियां बड़े वित्तीय अपराधों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। CBI Raid on Anil Ambani ₹17,000 Crore Fraud Case आने वाले समय में और बड़े खुलासे कर सकता है। इस केस पर आगे arrests, संपत्ति जब्ती और कोर्ट सुनवाई देखने को मिल सकती है। इस मामले से जुड़े हर ताज़ा अपडेट के लिए जुड़े रहें Raftaarkhabar.com के साथ।
FAQ
Q1. CBI ने अनिल अंबानी के खिलाफ कब कार्रवाई की?
23 अगस्त 2025 को मुंबई में संपत्तियों पर छापा मारा गया।
Q2. आरोप कितने करोड़ का है?
₹17,000 करोड़ के बैंक ऋण धोखाधड़ी का आरोप है।
Q3. इससे पहले ED ने क्या कार्रवाई की थी?
ED ने पहले आठ वरिष्ठ अधिकारियों की पूछताछ की और shell guarantee fraud की जांच की थी।
Q4. अब जांच की दिशा क्या हो सकती है?
फंड के diversion, दस्तावेजों की जांच, और shell companies के लेन-देन की जांच की दिशा में कार्रवाई बढ़ सकती है।
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आधिकारिक वेबसाइट CBI Raid on Anil Ambani’s Premises Live : 17000 Cr Bank Fraud मामले में अनिल अंबानी पर CBI का एक्शन






